अगर आपने दिसंबर वाली औली नहीं देखी, तो शायद आपने हिंदुस्तान का असली विंटर वंडरलैंड मिस कर दिया। लोग कहते हैं कि स्विट्ज़रलैंड सुंदर है, लेकिन जब आप नंदा देवी पर्वत को सामने से सोने की तरह चमकते हुए देखते हैं न, तो स्विट्ज़रलैंड भी फीका लगने लगता है। क्या आप भी इस दिसंबर भीड़ भाड़ से दूर, हिमालय की सफेद वादियों में खो जाने का सपना देख रहे हैं? अगर हाँ, तो Auli in December से बेहतर विकल्प शायद ही कोई हो। मैंने आपके लिए तैयार की है एक परफेक्ट 5 Day Auli Itinerary, जो आपके सफर को आसान और यादगार बना देगी।
Why Visit Auli in December?
दिसंबर में औली जाने का सबसे बड़ा कारण है बर्फबारी। महीने की शुरुआत में मौसम बहुत ठंडा और खुशनुमा होता है, और 20 से 25 दिसंबर के बाद यहाँ भारी बर्फबारी की संभावना बढ़ जाती है। औली में दिन का तापमान 5°C से 10°C के बीच रहता है और रात को तापमान -4°C तक गिर सकता है। अगर दिसंबर में औली जाते है तो आप यहाँ पर स्कीइंग सीखने और रोपवे से नज़ारे देखने के लिए बेस्ट है।
Auli Trip की तैयारी: इन बातों का रखें ध्यान
औली की चढ़ाई शुरू करने से पहले अपना बैग स्मार्ट तरीके से पैक करें जैसे हेवी वूलन्स, थर्मल्स, और वॉटरप्रूफ जैकेट ज़रूर रखें। जींस की जगह वॉटरप्रूफ ट्रेक पैंट्स पहनें क्योंकि बर्फ में जींस गीली होकर ठंडी हो जाती है। सामान्य स्पोर्ट्स शूज बर्फ में फिसल सकते हैं। ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज या गमबूट्स साथ रखें। अपने पास cash जरूर रखे क्योकि जोशीमठ के बाद एटीएम मिलना मुश्किल हो सकता है, इसलिए पर्याप्त कैश साथ रखें।

Your Perfect 5-Day Auli Itinerary
Day 1: दिल्ली से ऋषिकेश या हरिद्वार
सफर की शुरुआत दिल्ली से ही होती है। अब यहाँ एक गलती मत करना सीधे औली पहुँचने की कोशिश मत करना, वरना थकान से ट्रिप का मज़ा खराब हो जाएगा। औली के लिए सीधी बस या ट्रेन नहीं है, इसलिए पहला पड़ाव ऋषिकेश या हरिद्वार होगा। दिल्ली से बस या ट्रेन लेकर दोपहर तक हरिद्वार या ऋषिकेश पहुँचें। वहाँ पर आप शाम को गंगा आरती का आनंद लें और रात का खाना खाकर जल्दी सो जाएं, क्योंकि अगला दिन लंबा होने वाला है। अगर आपके पास अपनी कार है, तो आप सीधे आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन रात में पहाड़ी रास्तों पर ड्राइव न करें।
Day 2: ऋषिकेश से जोशीमठ
आज का दिन थोड़ा मुश्किल होने वाला है, इसलिए सुबह जल्दी मतलब 6 बजे उठ जाना। ऋषिकेश से जोशीमठ का रास्ता करीब 250 किलोमीटर का है, लेकिन पहाड़ों पर किलोमीटर नहीं, घंटे गिने जाते हैं। देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी का संगम देखकर अगर आपने फोटो नहीं खींची, तो क्या किया? गाड़ी थोड़ी देर रोकना और उस नज़ारे को अपनी आँखों में बसा लेना। शाम 5 बजे के बाद अंधेरा होने लगता है और सड़कें थोड़ी संकरी हो जाती हैं। कोशिश करें कि अंधेरा होने से पहले जोशीमठ पहुँच जाएं और अपने होटल में रजाई में घुस जाएं।
Day 3: जोशीमठ से औली और स्कीइंग का मज़ा
आज वो दिन है जिसका आपको इंतज़ार था। जोशीमठ से औली जाने के दो तरीके हैं रोड या केबल कार। एशिया की सबसे लंबी केबल कार का टिकट लें। औली पहुँचते ही नंदा देवी पीक का दीदार करें। अगर बर्फ गिर चुकी है, तो स्कीइंग इंस्ट्रक्टर से बेसिक स्कीइंग सीखें। सूर्यास्त के समय पहाड़ों का रंग सुनहरा हो जाता है, यह नज़ारा मिस न करें। रात को औली के GMVN गेस्ट हाउस या रिज़ॉर्ट में रुकें।
Day 4: गुरसों बुग्याल ट्रेक और आर्टिफिशियल लेक
अगर आप फिट महसूस कर रहे हैं और बर्फ बहुत ज़्यादा नहीं है, तो गुरसों बुग्याल के लिए हल्का ट्रेक करें। यह 3 किमी का ट्रेक है जहाँ से हिमालय का 360 डिग्री व्यू दिखता है। आर्टिफिशियल लेक के पास फोटो क्लिक करें। यह दुनिया की सबसे ऊंचाई पर स्थित मानव निर्मित झीलों में से एक है। वापस जोशीमठ के लिए निकलें या औली में ही एक और रात बिताएं। अगर आप जोशीमठ वापस आ रहे हैं, तो नरसिंह मंदिर के दर्शन कर सकते हैं।
Day 5: जोशीमठ से वापस दिल्ली
पहाड़ों को अलविदा कहने का समय आ गया है। सुबह जल्दी 6 या 7 बजे निकलें ताकि आप रात तक हरिद्वार या ऋषिकेश पहुँच सकें। हरिद्वार से दिल्ली के लिए वॉल्वो बस या ट्रेन पकड़ें। आप अगली सुबह तक दिल्ली अपने घर वापस पहुँच जाएंगे, ढेर सारी यादों के साथ।
Estimated Budget
दिल्ली से औली आना जाना आपका कुल अनुमान ₹13,000 से ₹20,000 प्रति व्यक्ति हो सकता है।
निष्कर्ष
Auli in December सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि एक एहसास है। ठंडी हवाएं, गर्म चाय, और बर्फ में मस्ती ये वो यादें हैं जो जीवन भर आपके साथ रहेंगी। तो इंतज़ार किस बात का? अपने दोस्तों को कॉल करें, बैग पैक करें और निकल पड़ें इस बर्फीले स्वर्ग की ओर।
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